उत्तराखंड : पुलिस का सिपाही चला रहा था नकली नोट का गिरोह, यहां से गिरफ्तार

टिहरी: नकली नोट चलाने वाले कई गिरोह सक्रिय हैं।ऐसे लोगों पर पुलिस लगातार नजर भी बनाए हुए है। यही कारण है कि नकली नोट बनाने वाले और उनको बाजार में सप्लाई करने वाले पुलिस के हत्थे चढ़ते रहे हैं। ऐसा ही एक और मामला टिहरी जिले के देवप्रयाग में सामने आया है। यहां पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है जो नकली नोट सप्लाई करते और खुद ही प्रिंट करते थे।

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि देवप्रयाग में पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग नकली नोट देकर खरीददारी करने का प्रयास कर रहे हैं। जिसके बाद पुलिस ने देवप्रयाग में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान एक कार को जब पुलिस ने रोका तो उसमें सवार व्‍यक्तियों ने भागने का प्रयास किया। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ कर तलाशी ली तो उनके पास से 200 रुपये के चार जाली नोट बरामद हुए।

इस पर चारों को गिरफ्तार कर लिया। कार सवार चार आरोपितों के खिलाफ देवप्रयाग थाना में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूछताछ में उन्‍होंने बताया कि हम लोग गुड़गांव हरियाणा में जाली नोटों को प्रिंट करते है। अलग-अलग शहरों में जाकर दुकानदारों से छोटी छोटी चीजें लेकर नोटों को असली के रूप में चलाते हैं। हम लोगों को यह पता चला कि चारधाम यात्रा चलने वाली है, जिसमें भारी संख्या में यात्री आते हैं।

पकड़े गिरोह का कहना है कि वो रुद्रप्रयाग तक गए थे, जहां से हमने वापसी के दौरान कई जगह नकलीनोट चलाए थे। अब हमारी योजना जाली नोटों की बड़ी खेप लेकर उसको यहां चारधाम यात्रा मार्गों पर चलाने की थी। आरोपियों में एक दिल्ली पुलिस में सिपाही है। चारों आरापितों में सचिन (दिल्‍ली पुलिस में सिपाही) (35 वर्ष) पुत्र राजकुमार निवासी ग्राम छपरा थाना राय जिला सोनीपत हरियाणा, हितेश (22 वर्ष) पुत्र ओमप्रकाश निवासी बीपीओ थाना कुंड जिला रेवाड़ी हरियाणा, दीपक कुमार (35 वर्ष) पुत्र जगदीश सिंह निवासी ग्राम छपरा बहादुरपुर थाना कुंडली जिला सोनीपत हरियाणा और मोहित (29 वर्ष) पुत्र रविंद्र कुमार निवासी बीपीओ थाना कुंड जिला रेवाड़ी हरियाणा शामिल हैं।

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