उत्तरकाशी : अधिकारी नहीं मानते सरकार का आदेश, अतिथि देवो भवः कैसे होगा साकार

बड़कोट: चारधाम यात्रा संचालन को लेकर सरकार ने विभिन्न तरह के नियम बनाए हैं। संचालन के लिए व्यवस्था बनाई गई है। लेकिन, चारों धामों में पहले धाम यमुनोत्री में व्यवस्थाएं बदहाल हैं। यात्रा मार्गों पर कहीं मेडिकल की कोई सुविधा नहीं है। सरकार ने व्यवस्था तो बनाई है, उसे अधिकारी धरातल पर नहीं उतार रहे हैं। अधिकारी को जो काम दिया गया है, उसको सही ढंग से नहीं कर रहे हैं।

चारधाम यात्रा पर आने वाले वाहनों के लिए चेकिंग की व्यवस्था हरिद्वार और ऋषिकेश में की गई है। बगैर ग्रीन कार्ड के किसी को चारधाम यात्रा पर नहीं जाने दिया जा रहा है। यात्रा पर आने वाले वाहनों को चेकिंग के बाद भी धामों के लिए रवाना किया जा रहा है। सीएम धामी ने खुद निर्देश जारी किए थे कि वाहनों को हरिद्वार और ऋषिकेश में चेकिंग के बाद रास्ते में कहीं नहीं रोका जाएगा, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा है।

भाजपा नेता संदीप राणा का कहना है कि सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए अच्छी व्यवस्था की हुई है, लेकिन अधिकारी अपनी मानमानी चला रहे हैं। खासकर वाहनों को जगह-जगह रोका जा रहा है। डामटा से लेकर जानकी चट्टी तक वाहनों को कई जगहों पर बिना किसी वजह के रोका जा रहा है, इससे यात्री भी परेशान हो रहे हैं।

उनका कहना है कि इससे यमुनोत्री धाम के प्रति श्रद्धालुओं के मन के गलत छवि जा रही है। उनको बार-बार परेशान किया जाना ठीक नहीं है। उन्होंने ऐसे अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। यात्रा मार्ग में कहीं भी सुविधा नहीं की गई है। जिला पंचायत भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि जिला पंचायत शुल्क तो वसूलता है, लेकिन व्यवस्थाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है।

उत्तराखंड