-ग्रामीणों ने दी पंचायत चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी
गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के नंदानगर विकास खंड का मोख तल्ला गांव उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष बाद भी सड़क मार्ग से नहीं जुड़ पाया है। ग्रामीण हर बार सड़क की मांग करते है और सरकार उन्हें आश्वासनों का झुनझुना थमा कर चुप करवा देती है लेकिन इस ग्रामीणों ने आरपार की लड़ाई लड़ने का मन बनाया है। ग्रामीणों ने सड़क नहीं तो पंचायत चुनाव नहीं का नारा देते हुए चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है।
क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता चरण सिंह नेगी का कहना है कि उत्तराखंड राज्य 25वें साल में प्रवेश करने जा रहा है। वहीं देश आजाद हुए 75 वर्ष पूर्ण हो गए प्लेटिनियम जुबली मना चुका है जिसे आजादी का अमृत महोत्सव नाम दे कर बड़े बड़े विज्ञापन में भारत की आर्थिक प्रगति एवं ग्रामीण भारत की सशक्तिकरण को इस तरह से दिखाया गया जैसे कि भारत के हर गांव तक सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार की समुचित व्यवस्था हो गई हो। लेकिन जमींन पर सच्चाई कुछ और ही है। नंदानगर विकास खंड के मोख तल्ला गांव ब्लॉक मुख्यालय से 15 किलोमीटर की दूरी है। गांव तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग से पांच किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। यदि आज कोई गांव में बीमार होता है तो उसे पहले पांच किमी पैदल कंडी और कुर्सी में बैठा कर चार कंधों के माध्यम से सड़क तक लाना पड़ता है तब जाकर कहीं अस्पताल ले जाने की बात होती है यदि इस दौरान अत्यधिक स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण अकाल मृत्यु हो जाए तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है। उनका कहना है कि उनके लिए आज भी स्थिति आजादी के पहले जैसी बनी हुई है। उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। लेकिन इस बार ग्रामीणों ने पंचायत चुनाव के बहिष्कार का मन बनाया हुआ है और जब तक गांव के लिए सड़क स्वीकृत के साथ ही पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाऐं बहाल नहीं हो जाती तब तक ग्रामीण अपनी जिद्द पर अड़े रहेंगे। इसके लिए ग्रामीणों ने गांव में बैठक कर प्रस्ताव तैयार किया है। जिसे सरकार और प्रशासन तक भेजा जायेगा।