संघ साहित्य बिक्री कर मनायी गयी आरएसएस के सर संघचालक श्री गुरुजी की जयंती

by intelliberindia
रूडकी : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक श्री गुरुजी की जयंती मनाई l राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधव राव सदाशिवराव गोलवलकर  की 118 वी जयंती  संघ साहित्य बिक्री कर मनाई गई l संघ प्रत्येक वर्ष उनकी जयंती को पूरे देश में संघ का साहित्य बिक्री कर मानता है l रुड़की नगर में शिव चौक रामनगर, शताब्दी द्वारा एवं रेलवे स्टेशन पर साहित्य बिक्री किया गया l सह प्रांत कार्यवाह अनुज कुमार द्वारा स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा की गुरु जी का 33 वर्ष का सरसंघ चालक का कार्यकाल उनके जीवन प्रसंग को श्री गुरु जी समग्र सात पुस्तको मैं संकलन किया गया है गुरु जी का आचरण प्रत्येक स्वयं  सेवक के लिए अनुकरणीय है l गुरुजी बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के विद्यार्थी रहे काशी विश्वविद्यालय में शिक्षण करते हुए वेतन का अधिकांश हिस्सा गरीब छात्रों की फीस और पुस्तकों पर खर्च करते कमजोर छात्रों को पढ़ाते उनका जीवन अध्यात्म से भरा था l
उन्होंने महाराजा हरि सिंह को जम्मू कश्मीर को भारत में विलय करने के लिए वार्ताकर मनाया था l पंडित नेहरू को चीन की विस्तारवादी नीतियों  से सावधान रहने के लिए सजग किया था संघ के स्वयंसेवको द्वारा भारत चीन युद्ध के दौरान दिल्ली की यातायात व्यवस्था संभाली थी गणतंत्र दिवस की परेड में 3000 गणेश धारी स्वयंसेवको द्वारा घोष के साथ परेड में  ड्रिल की थी 1965 के पाकिस्तान युद्ध में लाल बहादुर शास्त्री जी ने सर्व दलीय बैठक में विशेष विमान द्वारा लाकर सलाह ली गई थी l भारत विभाजन के समय पाकिस्तान से आए शरणार्थियों के लिए वस्तु  हारा समिति  बनाकर उनके रहने खाने की व्यवस्था की गई उनके कार्यकाल में हिंदुस्तान समाचार, भारतीय जनसंघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विद्या भारती, भारत विकास परिषद, विश्व हिंदू परिषद, भारत शिक्षण मंडल, भारतीय साहित्य परिषद, इतिहास संकलन समिति, संघ के अनुषांगिक संगठनों की स्थापना हुई l उनका कहना था इदं राष्ट्ररम इदं स्वाहा  नगर संघ चालक जल सिंह जी की अध्यक्षता में सैकड़ो स्वयंसेवक उपस्थित रहे l यह जानकारी जिला प्रचार प्रमुख रुड़की सहदेव सिंह पुंडीर ने दी l 




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