उत्तराखंड: चौकी में पुलिस ने महिला को बर्बता से पीटा, करंट भी लगाया, अस्पताल में भर्ती

देहरादून: पुलिस लोगों की मदद के लिए होती है। अपराधियों को पकड़ने के लिए होती है। उनको सजा दिलाने के लिए होती है, लेकिन जब पुलिस खुद ही वैहानों जैसी हरकतें करने लगे तो फिर लोग पुलिस पर कैसे भरोसा करें। ऐसा ही एक मामला राजधानी देहरादून में सामने आया है। यहां पुलिस ने हैवान जैसी ही हरकत की है। एक महिला को इस कदर पीटा कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पीटा ही नहीं, महिला को करंट तक लगाया गया। महिला की हालत बहुत खराब है और अस्पताल में इलाज चल रहा है।

मामला जोगीवाला पुलिस चौकी का है। यहां एक महिला की बेरहमी से पिटाई करने का मामला सामने आया है। महिला का कोरोनेशन अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार पुलिस महिला को चोरी के एक मामले में पूछताछ के लिए चौकी लाई थी। आरोप है कि चौकी में उसे थर्ड डिग्री टार्चर दिया गया। बिजली का करंट लगाने के साथ गाली-गलौज की गई।

महिला उसी फ्लैट में झाड़ू-पोछा करती है, जहां चोरी हुई। महिला के आरोपों की गोपनीय जांच के बाद एसएसपी/डीआईजी जन्मेजय खंडूड़ी ने जोगीवाला चौकी इंचार्ज दीपक गैरोला को सस्पेंड कर दिया है। मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। इस मामले में अन्य पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिर सकती है। जानकारी के अनुसार, मोहकमपुर निवासी देवेंद्र ध्यानी ने 15 मई को जोगीवाला पुलिस चौकी में चोरी की शिकायत की थी।

देवेंद्र ध्यानी सेवानिवृत्त विज्ञानी हैं और मंत्रा अपार्टमेंट में एक फ्लैट में रहते हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि सात मई को किसी काम से परिवार समेत दिल्ली चले गए थे। इसके बाद 14 मई को पड़ोस के फ्लैट में रहने वाली मीना रावत ने उन्हें फोन पर बताया कि फ्लैट के दरवाजे और अंदर रखी आलमारियां खुली पड़ी हैं। 15 मई को देवेंद्र दून वापस पहुंचे तो पाया कि फ्लैट से सोने व चांदी के जेवरात और नकदी गायब है। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की। इस पर पुलिस देवेंद्र ध्यानी के फ्लैट में झाड़ू-पोछा करने वाली नेहरू कालोनी क्षेत्र निवासी मंजू उर्फ श्रमी से पूछताछ करने के लिए रविवार को उनके घर पहुंची।

पीड़ित महिला ने बताया कि तीन महिला और एक पुरुष कांस्टेबल उनके घर पहुंचे थे। पुलिसकर्मियों ने पहले तो उन्हें घर में बुरी तरह पीटा और सारा सामान बिखेर दिया। इसके बाद उसे चौकी ले जाया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने उनके ऊपर बर्फ डाली और करंट लगाया। उन्हें बेल्ट और जूतों से बुरी तरह पीटने के साथ ही गालियां दीं। इसके बाद गंभीर हालत में पुलिसकर्मी मंजू को उनके घर छोड़ गए।

परिचित उन्हें कोरोनेशन अस्पताल ले गए और भर्ती कराया। मंजू के परिचितों ने बताया कि उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। वह खाना भी नहीं खा पा रही हैं। पुलिस को महिला के घर से चोरी हुआ कोई सामान भी नहीं मिला है। घटना के बाद मंजू और उनके स्वजन बुरी तरह घबरा गए थे। किसी तरह परिचितों की मदद से मंजू को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसकी जानकारी एसएसपी जन्मेजय खंडूड़ी को मिली तो उन्होंने गोपनीय जांच करवाई।

प्राथमिक जांच में महिला की पिटाई की बात सामने आई, जिसके बाद चौकी इंचार्ज पर कार्रवाई की गई। जांच में पुलिसकर्मियों की ओर से महिला की पिटाई करने का मामला सामने आया है। चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है। मेडिकल रिपोर्ट में भी महिला के शरीर पर चोट के निशान पाए गए। मामले की गंभीरता से जांच करवाई जा रही है। अगर इसमें किसी और का नाम भी सामने आता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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