देहरादून : उत्तराखंड सरकार ने नागरिक सेवाओं को और अधिक सुगम बनाने के लिए एक नई पहल की है। अब किसी भी प्रकार की आपातकालीन सहायता के लिए अलग-अलग नंबर याद रखने की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ एक नंबर—1905—डायल करें और अपनी समस्या का समाधान पाएं।
उत्तराखंड के नागरिकों को अब तक विभिन्न सेवाओं के लिए अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर याद रखने पड़ते थे। पुलिस सहायता के लिए 112, एंबुलेंस सेवा के लिए 108, भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए विजिलेंस का 1064 और आपदा प्रबंधन सूचना के लिए 1070 का उपयोग किया जाता था।
सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (ITDA) ने इन सभी सेवाओं को एकीकृत करते हुए 1905 हेल्पलाइन नंबर तैयार किया है। यह नंबर अब राज्य में सभी प्रमुख शिकायतों और आपातकालीन सेवाओं का केंद्र बन गया है। जैसे ही कोई व्यक्ति 1905 डायल करता है, उसकी कॉल आवश्यकतानुसार संबंधित विभाग को ट्रांसफर कर दी जाती है।
इस एकीकृत प्रणाली से नागरिकों को कई लाभ मिलेंगे। सबसे पहले, यह सुविधा प्रदान करेगा कि अब अलग-अलग नंबर याद रखने की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा, कॉल सीधे संबंधित विभाग को ट्रांसफर होगी, जिससे समस्या का समाधान शीघ्र होगा। पुलिस, चिकित्सा, भ्रष्टाचार नियंत्रण और आपदा प्रबंधन सभी के लिए एक ही नंबर होने से सेवाओं का
एकीकरण सरल और प्रभावी होगा। इसके अतिरिक्त, यह सीएम हेल्पलाइन के रूप में भी कार्य करेगा, जिससे नागरिक अपनी समस्याओं और शिकायतों को सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुँचा सकते हैं।
सरकार डिजिटल इंडिया अभियान के अंतर्गत नागरिक सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में 1905 हेल्पलाइन नंबर को लागू किया गया है ताकि उत्तराखंड के नागरिकों को सुरक्षित, सुगम और प्रभावी सेवाएं मिल सकें।
1905 नंबर के लॉन्च होने से उत्तराखंड में आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता को एक नया आयाम मिला है। अब एक ही नंबर पर सभी प्रकार की आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध होंगी, जिससे जनता को सुविधा और सुरक्षा दोनों मिलेगी। यह पहल न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाएगी, बल्कि नागरिकों को त्वरित राहत देने में भी सहायक सिद्ध होगी।