उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

by intelliberindia

देहरादून: उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग (IMD) ने 31 अगस्त से 3 सितंबर तक के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लोगों को सतर्क रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

आज, 30 अगस्त

मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देहरादून, उत्तरकाशी और बागेश्वर जैसे जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर और पौड़ी में भी भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, राज्य के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की उम्मीद है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे सावधानी बरतें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

DISTRICT_FORECAST

31 अगस्त के लिए मौसम का पूर्वानुमान

  • भारी से बहुत भारी बारिश: देहरादून, उत्तरकाशी और बागेश्वर जिलों में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और बहुत तेज बारिश के दौर की संभावना है।

  • भारी बारिश: टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर और पौड़ी जिलों में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

  • गरज के साथ बारिश: राज्य के सभी जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ बिजली चमकने और तेज से बहुत तेज बारिश के दौर होने की संभावना है।

1 सितंबर का मौसम अपडेट

  • भारी से बहुत भारी बारिश: देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर जिलों में कुछ जगहों पर बहुत तेज बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।

  • भारी बारिश: बाकी के पहाड़ी जिलों और ऊधमसिंह नगर में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

  • गरज के साथ बारिश: राज्य के सभी जिलों में गरज के साथ बिजली चमकने और तेज से बहुत तेज बारिश के दौर हो सकते हैं।

2 और 3 सितंबर के लिए चेतावनी

  • 2 सितंबर: बागेश्वर, देहरादून, नैनीताल और पिथौरागढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। शेष जिलों में भी भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

  • 3 सितंबर: बागेश्वर, देहरादून और चमोली जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। बाकी के पहाड़ी जिलों में भारी बारिश और मैदानी इलाकों में भी गरज के साथ तेज बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे पहाड़ों की यात्रा करने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। यह भी सलाह दी गई है कि किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।

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