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चमोली : जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने गुरुवार को स्प्रिंग एवं रिवर रिजुविनेशन प्राधिकरण की बैठक लेते हुए सारा के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर क्रिटीकल जल स्रोतों की सूची तैयार करते हुए डीपीआर बनाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और प्रशासकों को बैठकों में भागीरथ एप का प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कर्न्वजेन्स मद उपलब्ध न होने के कारण वन विभाग के क्षेत्रार्न्गत लंबित सभी योजनाओं को नोडल सारा को भेजने के निर्देश दिए कहा कि कर्न्वजेन्स की व्यवस्था शासन की जाएगी।
बैठक में सारा के नोडल अधिकारी अरविंद नेगी ने बताया कि योजना के तहत जल स्रोतों के उपचार के लिए जल निगम की 3, जल संस्थान गोपेश्वर व कर्णप्रयाग की 2-2 योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। नदी व धाराओं के कायाकल्प के लिए सिंचाई खंड चमोली व थराली और लघु सिंचाई खंड की 7 योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। सारा के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि जनपद के 9 विकास खंडों में वर्तमान में 87 जल स्रोतों उपचार हेतु चयनित किए गए हैं।
उन्होंने सरकार द्वारा जल संरक्षण अभियान 2025 चलाया जा रहा है। जिसमें जल स्त्रोतों के उपचार हेतु प्राथमिकता निर्धारण हेतु जन भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भागीरथ एप्प तैयार किया गया है जिसके माध्यम से उपचार हेतु जल स्त्रोतों का चिन्हीकरण किया जाना है। एंड्रॉइड बेस्ड भगीरथ एप्प धारा मेरा, नौला मेरा, गांव मेरा, प्रयास मेरा क्यूआर कोड के माध्यम से हर नागरिक गांव में उपचार हेतु महत्वपूर्ण जल स्त्रोतों की सूचना भेज सकेगा। सभी जल क्रिटिकल जल स्त्रोतों का एप्प के माध्यम से जियो टैग किया जाएगा। जल स्त्रोतों की सूचना स्टेट सारा सेंटर द्वारा एकत्रित एवं वर्गीकृत कर जनपदों को उपचार हेतु कार्य योजना निर्मित करने हेतु प्रेषित किया जाएगा।
इस मौके पर परियोजना निदेशक आनंद सिंह, जल संस्थान के सहायक अभियंता अरुण गुप्ता, पेयजल निगम के सहायक अभियंता अरुण प्रताप सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।