गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिला आपदा की त्रासदी से उभर नहीं पा रहा है। नंदानगर के मुख्य बाजार के उपरी क्षेत्र में जमींनों में दरारे आने के कारण बाजार में रह रहे 26 परिवारों को अलग-अलग स्थानों पर भेज दिया गया है।
नंदानगर के मुख्य बाजार के उपरी क्षेत्र में जमींन पर भारी दरारें आने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से मुख्य बाजार में निवास कर रहे 26 परिवारों में से 16 परिवारों को उनके नाते रिश्तेदारों के यहां भेज दिया गया है जबकि 10 परिवारों को प्रशासन की ओर से राहत शिविर में रखा गया है। जमींन में दरारें आने के कारण एक मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया है। पैदल रास्ते भी पूरी तरह से ध्वस्त हो गए है। इससे लोगों में दशहत का माहौल बना हुआ है। हल्की सी बारिश में लोग घरों से बाहर निकल कर रतजगा करने को विवश हो रखे है। जमीन में आई दरार के कारण इसके नीचले हिस्से में निवास कर रहे लोगों के सामने अब भविष्य को लेकर चिंता की लकीरें साफ दिखने लगी है। हालांकि प्रशासन की ओर से सुरक्षा की दृष्टि से लोगों को सुरिक्षत स्थानों पर भेजा जा रहा है लेकिन आने वाले समय में यहां के वाशिदों के सामने सुरिक्षत ठोर की चिंता भी सताने लगी है।
जिलाधिकारी संदीप तिवारी के निर्देश पर शनिवार को तहसील प्रशासन की टीम ने उप जिलाधिकारी राजकुमार पांडे के नेतृत्व नंदानगर के कुंतरी लग्गा फाली के आपदाग्रस्त क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावितों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
चमोली जिले के नंदानगर के कुंतरी लग्गा फाली मोहल्ले में शुक्रवार को अचानक जमीन पर दरारें दिखाई देने लगी। जिससे क्षेत्र में हो रहे भूधसाव से यहां 1 भवन पूर्ण क्षतिग्रस्त, 3 गौशाला पूर्ण क्षतिग्रस्त और 16 आवासीय भवन खतरे की जद में आये हैं।जिनमें निवासरत व्यक्तियों को सुरक्षा की दृष्टि से राहत शिविर में रखा गया है इसके लिए प्रशासन द्वारा दो राहत शिविर बनाए गए हैं जिसमें एक बारात घर भेंटी रोड जिसमें 34 व्यक्तियों को ठहराया गया हैं, दूसरा बारात घर बंगाली रोड जिसमें 30 प्रभावित लोगों को ठहराया गया है। इस प्रकार कुल 64 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं।
शनिवार को उप जिलाधिकारी राजकुमार पांडे ने क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उप जिलाधिकारी ने बताया कि क्षेत्र की स्थिति को देखते हुए डीडीआरएफ, होमगार्ड, पीआरडी और पुलिस की मदद से यहां निवास करने वाले लोगों को राहत शिविर में आवास और भोजन की व्यवस्था कराई गई है। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। वहीं उन्होंने तहसील और पुलिस के अधिकारी कर्मचारियों को क्षेत्र की निगरानी करने के भी निर्देश दिए हैं।
इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख हीमा नेगी, निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह, तहसीलदार दीप्ति शिखा, नायब तहसीलदार राकेश देवली, एसआई मनोज भट्ट, राजस्व निरीक्षक मोहन सिंह बिष्ट आदि मौजूद थे।