गोपेश्वर (चमोली)। आंगनबाडी कार्यकत्रियों ने मानदेय बढ़ोत्तरी समेत विभिन्न मांगों को लेकर गोपेश्वर में जुलूस प्रदर्शन किया। चमोली जिले के सभी ब्लॉकों से आई आंगनबाडी कार्यकत्रियों, सेविकाओं तथा मिनि आंगनबाडी कार्यकत्रियों ने बस स्टेशन से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालते हुए मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट परिसर में जुलूस सभा में तब्दील हो गया।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि आंगनबाडी कार्यकत्रियों के मानदेय में बढ़ोत्तरी की जानी चाहिए। राज्य सरकार को 140 रुपए प्रतिदिन मिलने वाले मानदेय में इजाफा करना चाहिए। कहा कि 150 रुपये प्रतिदिन का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाना चाहिए। उनका कहना था कि आंगनबाडी कार्यकत्रियों को बिना कोई आर्हता पूर्ण किए बिना सेवानिवृत्ति पर 10 लाख देने की शासनादेश जारी होने के बाद भी तीन सौ रुपये की कटौती को रोका जाना चाहिए। बायोमेट्रिक मशीन से उपस्थिति से विरत करने की मांग करते हुए उनका कहना था कि सुपरवाइजर पदों में हर साल वरिष्ठता के आधार पर विज्ञप्ति जारी की जानी चाहिए। कहा कि 60 साल की सेवानिवृत्ति पर एक लाख की एक मुश्त धनराशि दिए जाने का प्रावधान कर रिटायरमेंट की उम्र 62 साल की जानी चाहिए। पेंशन योजना का शासनादेश जारी करने की मांग करते हुए लाभार्थी का एक ही बार एप तैयार किया जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि भवन किराए में बढ़ोत्तरी कर आंगनबाडी वर्कर के खाते जमा किया जाना चाहिए। मोबाइल रिचार्ज का पैंसा बढ़ाया जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि नन्दा गौरा योजना का लाभ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी मिलना चाहिए। गर्भवती महिलाओ को 2022 से अभी तक पीएमएमवीवाई का पैसा न मिलने पर नाराजगी जताई गई।
इस दौरान यूनियन के अध्यक्ष कश्मीरा देवी, उपाध्यक्ष उमा देवी, पोखरी ब्लॉक अध्यक्ष सरोजनी देवी, नारायणबगड की मीरा, गैरसैण की दशमी देवी, कर्णप्रयाग की शोभा, देवाल की इंदिरा, दशोली आशा थपलियाल, थराली की सरिता देवी, जोशीमठ की बीना कनवासी, कश्मीरा, कस्तुरा देवी आदि ने विचार व्यक्त किए। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा महिला कल्याण मंत्री रेखा आर्या को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए मांगों के निस्तारण की गुहार लगाई गई।

