एक्टिंग की चमक छोड़ी, पकड़ी राधा नाम की ओट: टीवी एक्ट्रेस एना जयसिंघानी अब वृंदावन में बनीं साध्वी

by intelliberindia

Actress Aina Jaisinghani Vrindavan: ‘सावधान इंडिया’ और ‘देखा एक ख्वाब’ जैसे मशहूर शोज़ से अपनी पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस एना जयसिंघानी ने ग्लैमर की दुनिया को अलविदा कह आध्यात्म का रास्त चुना लिया है. मुंबई की रील लाइफ और मानसिक तनाव से दूर, अब वे ‘एना परी हरिवंशी’ के रूप में वृंदावन में सात्विक जीवन बिता रही हैं. प्रेमानंद महाराज जी के मार्गदर्शन और नाम जप की शक्ति ने उनकी जिंदगी बदल दी. अब वे साधारण वेशभूषा में राधा भक्ति और अध्यात्म के जरिए असली सुकून की तलाश में हैं.

Actress Aina Jaisinghani Vrindavan: ग्लैमर, पैसा, शोहरत और मुंबई की वो चकाचौंध जिसे पाने का सपना लाखों युवा देखते हैं, उसे हासिल करने के बाद कोई यूं ही नहीं छोड़ देता. लेकिन ग्वालियर की रहने वाली और टीवी जगत का जाना-माना चेहरा रहीं एक्ट्रेस एना जयसिंघानी (Aina Jaisinghani) की कहानी कुछ अलग है. ‘सावधान इंडिया’ और ‘देखा एक ख्वाब’ जैसे मशहूर सीरियल्स में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाने वाली एना अब कैमरा और लाइट की दुनिया से दूर वृंदावन की गलियों में ‘राधा-राधा’ जप रही हैं. एक सफल एक्टिंग करियर को अलविदा कहकर आध्यात्म की राह पर निकलीं एना का यह सफर जितना हैरान करने वाला है, उतना ही सुकून देने वाला भी.

एक्टिंग की दुनिया में बनाया बड़ा नाम

एना जयसिंघानी मूल रूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर की रहने वाली हैं. एक्टिंग का सपना लेकर वह मुंबई पहुंचीं और एकता कपूर के मशहूर प्रोडक्शन हाउस ‘बालाजी टेलीफिल्म्स’ से एक्टिंग का कोर्स किया. उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें सोनी टीवी के बड़े शो ‘देखा एक ख्वाब’ में ‘चिक्की’ का किरदार मिला. इस शो में उन्होंने दिग्गज अभिनेत्री अरुणा ईरानी के साथ काम किया और घर-घर में अपनी पहचान बनाई. इसके बाद वह ‘सावधान इंडिया’, ‘फियर फाइल्स’ और ‘क्राइम पेट्रोल’ जैसे चर्चित शो में भी नजर आईं.

मुंबई में थी रील लाइफ, वृंदावन में है रियल लाइफ

सफलता कदम चूम रही थी, लोग पहचानने लगे थे, लेकिन एना के मन में एक खालीपन था. वह बताती हैं कि मुंबई की लाइफ पूरी तरह ‘शो-ऑफ’ यानी दिखावे पर टिकी थी. वहां हमेशा यह डर रहता था कि लोग क्या कहेंगे. कई रातें उन्होंने रोते हुए गुजारीं, उन्हें समझ नहीं आता था कि सब कुछ होने के बाद भी वह परेशान क्यों हैं. एना कहती हैं, ‘वहां रील लाइफ थी और यहां वृंदावन में रियल लाइफ है. वहां हम दूसरों के लिए जीते थे, यहां हम खुद के लिए और ठाकुर जी के लिए जी रहे हैं.’

मैं परेशान थी, कई रातें गुजार देती थी रोते-रोते

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐना बताती है कि मैंने कई टीवी सीरियल्स में काम किया है. टीवी इंडस्ट्री के कई बड़े और नामी लोगों के साथ काम किया है और ऑडियंस भी मुझे बहुत पसंद करती थी. लेकिन मैंने कभी पूजा-पाठ और भगवान की भक्ति नहीं करती थी. शायद इसलिए ही मुझे वहां सुकून नहीं मिला और मैं परेशान ही रहती थी. रोते-रोते कई रातें गुजार देती थी. तब श्रीजी ने मुझे रास्ता दिखाया. ऐना बताती है कि मैंने अपना एक्टिंग करियर पूरी तरफ से छोड़ दिया और मैं अध्यात्म और सुकून की तलाश में वृंदावन आईं और अब यहीं के हिसाब से ढल चुकी हूं.

ISKCON से हुई बदलाव की शुरुआत

दरअसल, एना की जिंदगी में मोड़ तब आया जब बालाजी टेलीफिल्म्स में उनके कुछ दोस्त उन्हें इस्कॉन मंदिर ले जाने लगे. शुरुआत में वह सिर्फ मंदिर जाती थीं, लेकिन धीरे-धीरे वहां होने वाली भगवत गीता की क्लास और आचार्यों के प्रवचनों ने उन पर गहरा असर डाला. एना बताती हैं कि वहीं से उन्होंने सात्विक जीवन अपनाना शुरू किया. उन्होंने न केवल नॉन-वेज छोड़ा, बल्कि प्याज-लहसुन का त्याग कर पूरी तरह सात्विक खान-पान अपना लिया. उनका मानना है कि किसी जीव की हत्या कर अपना पेट भरना सबसे बड़ा पाप है.

प्याज-लहसुन तक खाना छोड़ दिया

पॉडकास्ट में एना बताती हैं कि वो शुरुआत में सिर्फ मंदिर जाती थी. हालांकि, वो नियमित रुप से कोई जाप या माला नहीं करती थी और प्याज-लहसुन सब खाती थी. लेकिन, ISKCON में आचार्यों की भागवत गीता की क्लास सुनी. तब समझ में आया कि नाम जप जीवन का उद्धार कर सकता है. इसके बाद उन्होंने माला जप शुरू किया और सात्विक जीवनशैली अपनाई. धीरे-धीरे उन्होंने प्याज-लहसुन तक खाना छोड़ दिया.

प्रेमानंद महाराज का वो सपना और गुरु दीक्षा

एना पिछले 2 साल से वृंदावन के केलीकुंज आश्रम के पास एक फ्लैट में अकेले रह रही हैं. लेकिन उनकी इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव था हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज का उनके सपने में आना. एना उस वक्त बेहद मानसिक तनाव और बेचैनी से गुजर रही थीं. उन्हें गुरु की तलाश थी. एक रात उन्होंने श्रीजी (राधारानी) से प्रार्थना की और उसी रात महाराज जी ने उनके सपने में आकर उन्हें ‘नाम जप’ का गुरु मंत्र दिया. इसके बाद एना का नाम और पहचान पूरी तरह बदल गई, अब वह एना परी हरिवंशी के नाम से जानी जाती हैं.

साधारण वेशभूषा और भक्ति का मार्ग

आज एना को देखकर कोई नहीं कह सकता कि वह कभी ग्लैमर की दुनिया का हिस्सा थीं. अब उनके गले में तुलसी की माला है, कानों में राधा नाम लिखे लकड़ी के कुंडल और माथे पर राधावल्लभ संप्रदाय का तिलक. वह हर समय हाथ में माला लिए राधा नाम का जाप करती रहती हैं. एना का कहना है कि यह उनका फैसला नहीं, बल्कि राधारानी और ठाकुर जी की कृपा है जिन्होंने उन्हें मुंबई के शोर से खींचकर वृंदावन के सुकून में बुला लिया.

परिवार का सहयोग और युवाओं को संदेश

एना के इस फैसले में उनके परिवार ने उनका पूरा साथ दिया. दिलचस्प बात यह है कि एना को देखकर अब उनकी मां ने भी भक्ति का मार्ग अपना लिया है और घर में पूरी तरह सात्विक माहौल रहता है. युवाओं को संदेश देते हुए एना कहती हैं कि चाहे आप जिस भी भगवान को मानते हों, नाम जप जरूर करें. नाम जप ही वह एकमात्र रास्ता है जो आपको इस भौतिक दुनिया के दुखों से बाहर निकाल सकता है.

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