रांची में छात्रों का विधानसभा कूच, तीन परत की बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस से बढ़ा टकराव

by intelliberindia
आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल देवेंद्र नाथ महतो भी भूख हड़ताल के बीच एंबुलेंस से विधानसभा की ओर रवाना हुए। उनके सहयोगियों ने उन्हें कंधे पर उठाकर एचईसी स्थित शहीद मैदान तक पहुंचाया। इसके बाद वह एंबुलेंस से आगे बढ़े। महतो के विधानसभा कूच से प्रदर्शनकारी छात्रों में भी उत्साह देखा गया।

कई बैरियर पार कर आगे बढ़े छात्र

पुलिस ने शहीद मैदान से झारखंड हाई कोर्ट की दिशा तक कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की है। जगरनाथपुर सेक्टर-2 के पास प्रदर्शनकारियों ने तीन स्तर की बैरिकेडिंग पार की। कुछ छात्र जगन्नाथपुर मंदिर की ओर जाने वाले शॉर्टकट रास्तों से भी आगे बढ़ते दिखाई दिए। बताया गया कि मुख्य मार्ग पर लगे बैरियरों के अलावा कई स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा घेरा बनाया गया है।
प्रदर्शनकारियों को जगन्नाथपुर मंदिर के आसपास रोकने के लिए भी बैरिकेडिंग की गई है। इसके बाद साईं मंदिर और ऋषभ नगर की ओर जाने वाले मार्ग, जगन्नाथनगर कॉलेज के सामने तथा झारखंड हाई कोर्ट के पास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। एडीजी मनोज कौशिक और रांची के एसएसपी राकेश रंजन समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।

भाजपा नेताओं को हिरासत में लिया गया

छात्रों के आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन करने पहुंचे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई की। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू सहित कई विधायकों और नेताओं को हिरासत में लिया गया। पुलिस उन्हें खेलगांव ले गई।
इधर, विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो गई, लेकिन विपक्षी दलों के विधायक सदन में अनुपस्थित रहे। विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन की ओर से क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं।

दो प्रमुख मांगों पर नहीं बनी सहमति

छात्रों का आंदोलन मुख्य रूप से भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और कुछ परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर चल रहा है। रविवार को झारखंड सरकार की चार मंत्रियों की समिति और छात्र प्रतिनिधियों के बीच करीब छह घंटे तक वार्ता हुई, लेकिन दो प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन सकी।
सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार ने वार्ता के बाद दावा किया कि छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगों पर सहमति बन गई है। हालांकि, JSSC CGL परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग पर सहमति नहीं बनी। इसके बाद छात्रों ने आंदोलन जारी रखने और सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया।

CGL मामले में न्यायिक आयोग बनाने पर सहमति

सरकार का कहना है कि CGL परीक्षा झारखंड हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद आयोजित हुई है, इसलिए उसे सीधे रद्द करना सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। हालांकि, मामले की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग गठित करने पर सहमति बनी है।
वहीं, JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2023 और संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2025 को रद्द करने पर सरकार और छात्रों के बीच सहमति बनने की बात सामने आई है।

CID जांच में 90 दिन में चार्जशीट, फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव

वार्ता में JPSC से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की चल रही CID जांच में 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने और मामले के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने पर भी सहमति बनी।
इसके अलावा, जांच में सामने आए कथित वित्तीय लेनदेन की ED से जांच कराने के लिए अनुरोध करने पर सरकार ने सहमति जताई है। छात्रों ने संबंधित एजेंसी से जुड़ी सभी परीक्षाओं को रद्द करने और उनकी CBI जांच की मांग भी रखी है।

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