लैंटाना की लकड़ियों से सामान बनाकर महिलाएं कर रही अपनी आर्थिकी मजबूत

by intelliberindia
  • चमोली में लैंटाना की लकड़ियों से उपयोग सामान बना महिलाएं कर रही अपनी आर्थिकी मजबूत
  • महिलाओं ने एक वर्ष में लैंटाना से बने उत्पादों के विपणन से 2 लाख से अधिक की आय अर्जित की
चमोली : जनपद में लैंटाना की लकड़ियों से नैल कुड़ाव क्षेत्र की महिलाएं उपयोग सामान बनाकर अपनी आर्थिकी मजबूत कर रही हैं। यहां महिलाओं लैंटाना की लकड़ियों से बने उत्पादों का विपणन कर एक वर्ष में 2 लाख 15 हजार की आय अर्जित कर ली है।
सहायक परियोजना निदेशक एनआरएलएम केके पंत ने बताया कि जनपद में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत वर्ष 2018 में दशोली ब्लॉक की ग्राम पंचायत नैल कुड़ाव की छह महिलाओं ने जय भैरवनाथ स्वयं सहायता समूह का गठन किया। जिसके बाद से समूह की ओर विभिन्न प्रकार की सामुहिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा था। ऐसे में मिशन के तहत अप्रैल 2023 में समूह को लैंटान से फर्नीचर निर्माण कर 15 दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं ने यहां लैंटेना की लकड़ियों से डस्टबीन, फाइल ट्रे, फ्लावर ट्रे, शू-रैक, कलमदान सहित घर और कार्यालय में उपयोग होने वाली सामग्री का निर्माण शुरु किया। समूह की ओर से तैयार उत्पादों का विपणन सरकारी, गैर सरकारी और खुले बाजार में किया जा रहा है।
महिलाओं की ओर से बनाये जा रहे उत्पाद प्लास्टिक के सामान के विकल्प के रुप के लोगों को खूब भा रहे हैं। ऐसे में केदारनाथ वन प्रभाग की ओर से इस वर्ष रुद्रनाथ यात्रा के पैदल मार्ग पर महिला समूह से क्रय किये गए 250 कूड़ादान लगाए हैं। इसके साथ ही जिले के बैंक, पोस्ट ऑफिस और अन्य विभागों की ओर से भी उत्पादों का क्रय करने के साथ ही समूहों के उत्पाद स्थानीय व प्रादेशिक मेलों में भी स्टॉल के माध्यम से विक्रय किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समूह की ओर से अभी तक एक वर्ष में 2 लाख 15 हजार की आय अर्जित की गई है। कहा कि उत्पादों के निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल के भुगतान के बाद बची शेष राशि को महिलाओं में वितरित किया जा रहा है। जिससे महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिल रही है।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिला समूहों का गठन आजीविका संवर्द्धन कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। जिसके तहत ग्राम पंचायत नैल कुड़ाव के महिला समूह की ओर से लैंटाना की लकड़ियों के उत्पाद तैयार कर बेहतर आय अर्जित की जा रही है।
         – अभिनव शाह, मुख्य विकास अधिकारी, चमोली।
 




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