- कट-ऑफ तिथि बढ़ाने और राजकीय मानदेय की मांग को लेकर पीटीए शिक्षकों ने उठाई आवाज
देहरादून। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत मानदेय से वंचित पीटीए शिक्षकों ने देहरादून में प्रदर्शन कर सरकार से कट-ऑफ तिथि में संशोधन कर सभी पात्र शिक्षकों को राजकीय मानदेय देने की मांग की है। इस संबंध में अशासकीय माध्यमिक मानदेय से वंचित पीटीए शिक्षक संघ,वी उत्तराखण्ड ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर शीघ्र निर्णय लेने की मांग उठाई है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष उपेन्द्र बहुगुणा, प्रदेश महामंत्री कल्पना सेमवाल और प्रदेश कोषाध्यक्ष पूनम नेगी ने कहा कि प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत पीटीए शिक्षक वर्षों से सीमित संसाधनों और आर्थिक असुरक्षा के बावजूद शिक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विशेषकर पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी के बीच उन्होंने विद्यार्थियों की पढ़ाई, बोर्ड परीक्षाओं, अनुशासन व्यवस्था और विभिन्न सरकारी योजनाओं के संचालन में अहम योगदान दिया है।
संघ का कहना है कि वर्तमान में प्रदेश के 202 पीटीए शिक्षकों का मानदेय संबंधी मामला शासन स्तर पर लंबित है। शिक्षामंत्री द्वारा भी इस संबंध में प्रस्ताव को कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए जा चुके हैं तथा निदेशालय स्तर से शिक्षकों की सूची सहित प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है।
पीटीए शिक्षकों ने मांग की है कि वर्तमान कट-ऑफ तिथि 30 जून 2016 को संशोधित कर 30 जून 2025 किया जाए, सभी पात्र शिक्षकों को राजकीय मानदेय प्रदान किया जाए तथा लंबित प्रस्ताव को शीघ्र कैबिनेट में रखकर सकारात्मक निर्णय लिया जाए। संघ ने उम्मीद जताई है कि सरकार शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें न्याय दिलाएगी।

