चमोली । उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जनपद में एक किसान द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में आरोपी बनाए गए पुलिसकर्मियों को चमोली एवं रुद्रप्रयाग जिलों में तैनात किए जाने पर स्थानीय जनता और सामाजिक संगठनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसको लेकर नागरिक मंच चमोली, व्यापार संघ गोपेश्वर सहित विभिन्न संगठनों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि मृतक किसान ने आत्महत्या से पूर्व एक वीडियो बनाकर संबंधित पुलिसकर्मियों पर मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। ऐसे में आरोपों की जांच पूरी होने से पहले इन पुलिसकर्मियों को संवेदनशील पर्वतीय जिलों में तैनात किया जाना जनभावनाओं के विपरीत है।
संगठनों का कहना है कि जिन पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप हैं, उन्हें जनपद में नियुक्त करना न केवल आम नागरिकों की भावनाओं का अपमान है, बल्कि इससे कानून-व्यवस्था और पुलिस की निष्पक्षता पर भी प्रश्नचिह्न लगता है। उन्होंने मांग की कि ऐसे दूषित और आपराधिक प्रवृत्ति के अधिकारियों को चमोली एवं रुद्रप्रयाग जिलों में जॉइनिंग न दी जाए तथा उन्हें जिले की सीमा से बाहर ही रखा जाए।
ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ित किसान को न्याय मिल सके और आम जनता का प्रशासन एवं पुलिस तंत्र पर विश्वास बना रहे।

