3
देहरादून : जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पंचायत की विभागीय समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत की ओर से राज्य वित्त, 15वां वित्त एवं दैवीय आपदा के कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के तहत कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अधिकारी व कर्मचारियों को योजनाओं का अन्य विभागों की योजना के साथ दोहराव न होने की सख्त हिदायत दी।
जिला पंचायत की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को विभाग द्वारा जन उपयोगी योजनाओं को प्रस्तावित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि योजनाओं में विद्यालयों में कक्षा कक्ष, चारदीवारी, पुलिया निर्माण जैसे कार्यों जन उपयोगी योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही लम्बे समय से विवादों के चलते रुकी हुए योजनाओं की धनराशि लौटाते हुए प्राथमिकता वाली योजनाओं का निर्माण कार्य करवाने के भी निर्देश दिए। जिला पंचायत के अधिकारियों को रुद्रनाथ में प्रस्तावित शौचालय निर्माण की योजना को वन विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के जल जीवन मिशन से दोहराव न होने की बात कही।
कहा कि जिला पंचायत की ओर से पेयजल योजनाओं को लेकर जल जीवन मिशन में कंवर्जेंस करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने परियोजना अधिकारी व अपर मुख्य अधिकारी को पेयजय योजनाओं के साथ ही नंदानगर के काड़ई बजेठा में किए गए शौचालय निर्माण की जांच करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत के राजस्व वृद्धि कर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के पुख्ता इंतजाम की योजना तैयार करने के आदेश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जिला पंचायत की परिसंपतियों की मैंपिंग करने, यात्रा मार्ग पर नए पार्किंग स्थलों को विकसित करने, बकाया वसूली तेज करने के साथ ही टैक्स व्यवस्था को सुदृढ करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में अपर मुख्य अधिकारी आनंद सिंह भाकुनी ने बताया कि वर्ष 2024-25 में राज्य वित्त के तहत जिला पंचायत चमोली को 1632.37 लाख की प्राप्त धनराशि के सापेक्ष 971.85 करोड़ के कार्य योजनाएं संचालित की जा रही है। जबकि 15वां वित्त के तहत प्राप्त 286.04 लाख व दैवीय आपदा के कार्यों के लिए आवंटित 94.50 लाख के कार्यों की निविदा प्रक्रिया को लेकर कार्रवाई गतिमान है। इस मौके पर जिला पंचायत के सभी अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।