हरिद्वार : शहर से देहात तक का इलाका हुआ जलमग्न, जमकर मचाया बरसात ने तांड़व, घरों व दुकानों में घुसा पानी, पहाड़ों से आए मलबे ने बढ़ायी परेशानी

by intelliberindia

 

हरिद्वार। प्रदेश समेत तीर्थनगरी में तीन दिनों से हो रही तथा सोमवार देर रात से लगातार हो रही भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई। समूची तीर्थनगरी बरसात के कारण समुद्र जैसी प्रतीत होने लगी। शहर का कोई गली-मोहल्ला व बाजार ऐसा नहीं बचा जहां जल भराव न हुआ हो। जलभराव के कारण लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी व दुकानदारों को लाखों रुपये का नुकसान हो गया। बरसात के कारण समूचा जनजीवन अस्त-व्यस्त नजर आया।

हरिद्वार में तीन दिनों से लगातार रूक-रूक कर बरसात हो रही है। सोमवार की रात से लगातार हो रही भारी बरसात ने शहर से लेकर देहात तक जमकर तांड़व मचाया। कोई ऐसा इलाका शेष नहीं बचा जहां लोगों के घरों, दुकानों व गली-मोहल्लों में पानी न भरा हो। यहां तक की जिला मुख्यालय रोशनाबाद
भी जलमग्न दिखायी दिया। दुकानों में पानी घुसने से व्यपारियों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ। हरिद्वार के भूपतवाला, मध्य हरिद्वार, कनखल, ज्वालापुर, जिला मुख्यालय रोशनाबाद समेत तमाम ग्रामीण इलाके पानी से लबालब नजर आए। इस बार भी सबसे बुरा हाल मध्य हरिद्वार के चन्द्राचार्य चौक व आसपास की कालोनियों का हुआ, जहां कई फुट जलभराव से आवाजाही बिल्कुल ठप रही।

जिला मुख्यालय रोशनाबाद में भी भारी जलभराव हुआ। कोर्ट परिसर में जलभराव के चलते पानी वकीलों में चेम्बर तक में घुस गया। उपनगरी ज्वालापुर के कई बाजारों में जलभराव से व्यपारियों की दुकानों में पानी भरने से खासा नुकसान हुआ। भगत सिंह चौक के पास चंदेला क्लिनिक के सामने रेल लाइन का पुस्ता खिसकने से रेलवे बिजली लाइन ट्रैक पर गिरी। गनीमत रही की इस वक्त कोई ट्रेन लाईन पर नहीं थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। जिसकी सूचना लोगों ने तत्काल रेल प्रशासन की दी, जिसके बाद रेलवे का आपदा विभाग हरकत में आया और मौके पर टीम को भेजकर क्षत्रिग्रस्त स्थान पर विद्युत लाइन को रिपेयर कराने का कार्य शुरू किया।

वहीं उत्तरी हरिद्वार में पहाड़ भारी मलबा रेलवे ट्रैक पर आ गया, जिसको हटाने का कार्य किया गया। मलबा आने से पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। जिस कारण से पहाड़ी से आने वाला मलबा लोगों के घरों में घुस गया। जिस कारण से एडवोकेट अरविंद शर्मा के घर में पहाड़ से आने वाले पानी की नदी बहने लगी। उधर ब्रह्मपुरी में भी पहाड़ से मलबा आने के कारण लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।

बरसात ने शहरी क्षेत्रों के अलावा जनपद के ग्रामीण इलाकों में भी ऐसी ही तबाही मचायी। यहां भी लोगों के घरों में पानी घुसने व पेड़ गिरने के समाचार मिले हैं। साथ ही बरसात के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ने से गंगा के तटीय इलाकों में भी खतरा उत्पन्न हो गया है। बरसात के कारण खेत के खेत पूरी तरह से जलमग्न दिखायी दिए। तीर्थनगरी में बरसात ने जमकर मचाए तांड़व के कारण लोगों को खासा परेशान किया। बरसात कम होने पर लोग अपने घरों और दुकानों से पानी निकालते दिखायी दिए।

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