सिमली अस्पताल पर आर-पार की लड़ाई, पदयात्रा देहरादून रवाना

by intelliberindia
  • मां चंडिका की पूजा-अर्चना के बाद आंदोलन का शंखनाद
  • 20 अक्टूबर को सीएम कार्यालय के घेराव का ऐलान

कर्णप्रयाग (चमोली)। चमोली जिले के सिमली महिला बेस अस्पताल को पूर्ण अस्पताल का दर्जा देने और शासनादेश जारी करने की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। मांग पूरी नहीं होने से नाराज क्षेत्रीय जनता ने रविवार को शारदीय नवरात्र के पहले दिन मां चंडिका के दरबार में पहुंचे और पूजा-अर्चना कर सरकार की बुद्धि-शुद्धि की प्रार्थना की। इसके बाद सिमली से देहरादून के लिए पदयात्रा शुरू कर दी गई। आंदोलनकारियों ने 20 अक्टूबर को देहरादून पहुंचकर मुख्यमंत्री कार्यालय के घेराव का ऐलान किया है।

ढोल-दमाऊ और मशकबीन की धुन के साथ शुरू हुई पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। यात्रा का पहला पड़ाव 17 किलोमीटर दूर गौचर निर्धारित किया गया है। पदयात्रा कर्णप्रयाग पहुंची तो स्थानीय महिलाओं ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। आंदोलनकारियों का कहना है कि सिमली बेस अस्पताल को पूर्ण अस्पताल बनाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन शासनादेश जारी नहीं होने से क्षेत्र की जनता में नाराजगी बढ़ रही है। अब इस मांग को लेकर देहरादून तक आवाज उठाई जाएगी।

बेस अस्पताल संघर्ष समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी, बूंगा की संतोषी कनवासी, कपीरी संघर्ष समिति के अध्यक्ष खिलदेव रावत और डिम्मर की ग्राम प्रधान विनीता डिमरी ने कहा कि अस्पताल की मांग क्षेत्र की जनता की स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी है। इस पर निर्णय नहीं होने से लोगों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

मां चंडिका के दरबार में सरकार की बुद्धि-शुद्धि की प्रार्थना

नवरात्र के पहले दिन सिमली स्थित श्री राजराजेश्वरी चंडिका मंदिर में कर्णप्रयाग, नारायणबगड़, थराली और गैरसैंण ब्लॉक से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मां चंडिका की पूजा-अर्चना कर अस्पताल की मांग पूरी होने की कामना की। पदयात्रा पर निकलने से पहले मातृशक्ति और क्षेत्रीय लोगों ने मंदिर में हाजिरी लगाई तथा सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की।

नवरात्र में रामलीला मंचन भी स्थगित

सिमली में अस्पताल की मांग को लेकर बढ़ते आक्रोश का असर धार्मिक आयोजन पर भी पड़ा है। क्षेत्र में वर्षों से आयोजित होने वाली श्री राजराजेश्वरी चंडिका रामलीला का मंचन इस बार स्थगित कर दिया गया है। आंदोलनकारियों ने कहा कि नवरात्र के दौरान जहां घरों और मंदिरों में धार्मिक आयोजन होते हैं, वहीं अस्पताल की मांग को लेकर मातृशक्ति को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने इसे क्षेत्र की नाराजगी का संकेत बताया।

20 अक्टूबर को देहरादून में जुटेंगे आंदोलनकारी

पदयात्रा के जरिए आंदोलनकारी शासन तक अपनी मांग पहुंचाने की तैयारी में हैं। 20 अक्टूबर को देहरादून पहुंचकर मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव प्रस्तावित है। आंदोलनकारियों की मांग है कि सिमली महिला बेस अस्पताल को पूर्ण अस्पताल का दर्जा देने के संबंध में शासनादेश जल्द जारी किया जाए।

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