उत्तराखंड में चार दिन बदला रहेगा मौसम, कई जिलों में आंधी-बिजली की संभावना

by intelliberindia

देहरादून। उत्तराखंड में अगले चार दिनों के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई है। इस दौरान हवाओं की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 7 से 10 अक्टूबर के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ मौसम प्रभावित होने की संभावना है। हालांकि, यह गतिविधि सभी क्षेत्रों में नहीं बल्कि कुछ स्थानों पर ही होने का अनुमान है।

7 अक्टूबर को आठ जिलों में असर

7 अक्टूबर को अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

8 अक्टूबर को पहाड़ी जिलों में ज्यादा असर

8 अक्टूबर को मौसम का प्रभाव देहरादून, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और नैनीताल जिलों में देखने को मिल सकता है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने और तेज झोंकेदार हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

9 अक्टूबर को नौ जिलों में गरज-चमक

9 अक्टूबर को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

10 अक्टूबर को भी जारी रहेगा मौसम का असर

10 अक्टूबर को भी देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी।

मौसम विभाग ने सतर्क रहने की दी सलाह

लगातार चार दिनों तक अलग-अलग जिलों में आंधी और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषकर आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। मौसम खराब होने पर अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से भी बचने की सलाह दी जाती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 7 से 10 अक्टूबर के बीच मौसम का असर अलग-अलग जिलों में अलग-अलग रहेगा, इसलिए स्थानीय मौसम की स्थिति और विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी होगा।

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